बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बोचहां उपचुनाव में राजद को मिली जीत के कुछ दिन बाद ही तेजस्वी यादव द्वारा दिए इफ्तार के न्यौते को ना केवल स्वीकार किया बल्कि इसमें शिरकत भी की। इसके बाद से बिहार की सियासत में अटकलों का दौर फिर शुरू हो गया है। ऐसा माना जा रहा है कि सीएम ने इसके जरिए बीजेपी को संदेश देने की कोशिश की है। वहीं तेजप्रताप ने एक बार फिर राज्य में सरकार बनाने का दावा किया है। इससे लग रहा है कि सियासी अंदरखाने कोई न कोई खिचड़ी तो जरूर पक रही है।

इसी बीच लालू प्रसाद यादव के बड़े तेजप्रताप से जब सीएम नीतीश कुमार के इफ्तार पार्टी में शामिल होने को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि बिहार में खेल होगा। उन्होंने कहा कि राजनीति में उथल-पुथल होती रहती है। खुद को बिहार की राजनीति का कृष्ण बताते हुए तेजप्रताप ने कहा है कि मैंने तो पहले ही तेजस्वी को अर्जुन घोषित कर दिया है। बिहार में हम सरकार बनाएंगे। तेज प्रताप ने बताया कि पहले हमने नो एंट्री का बोर्ड लगाया था लेकिन रामनवमी पर मैंने अपने ट्वीट में एंट्री नीतीश चाचा लिखा और आज वो यहां आए। तेजप्रताप ने दावा करते हुए कहा है कि आज नीतीश कुमार के साथ सियासी बातचीत हुई है।

पांच साल बाद तेजस्वी के घर पहुंचे थे सीएम नीतीश

सीएम नीतीश कुमार पांच साल बाद तेजस्वी के घर इफ्तार पार्टी में शामिल होने के लिए पहुंचे। वे इससे पहले 2017 में उनके घर गए थे। इसी साल नीतीश ने महागठबंधन से नाता तोड़कर बीजेपी के साथ गठजोड़ कर लिया था। इसके बाद से लालू और नीतीश के संबंधों में खटास आ गई थी। वहीं बीजेपी-जदयू का गठबंधन 2022 के विधानसभा चुनाव के दौरान भी जारी रहा। वर्तमान में बिहार में एनडीए का शासन है। हालांकि गाहे-बगाहे बीजेपी नेता अपनी पार्टी का मुख्यमंत्री होने का राग अलापते रहते हैं। जिसपर कई बार दोनों दल आमने-सामने आ चुके हैं।

तेजस्वी ने गर्मजोशी से किया स्वागत

सीएम नीतीश पैदल ही चलकर राबड़ी आवास पहुंचे। यहां तेजस्वी सहित पूरे लालू परिवार ने गर्मजोशी के साथ उनका स्वागत किया। तेजस्वी ने खुद गेट पर जाकर सीएम की अगवानी की। इसके बाद से तेजप्रताप का रामनवमी को किया गया ट्वीट दोबारा चर्चा में आ गया है, जिसमें उन्होंने एंट्री नीतीश चाचा लिखा था। कुछ लोग इसे राज्य का बदलता समीकर तो कुछ बोचहां में बीजेपी को मिली करारी हार का साइड इफेक्ट बता रहे हैं।

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