20 सालों बाद श्री कृष्ण सेतु का निर्माण पूरा हुआ और बीते 11 फरवरी को इसका उद्घाटन सीएम नीतीश कुमार और केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने किया था। इस सेतु के उद्घाटन को अभी एक महीने भी नहीं हुए कि इसका एप्रोच पथ धंसने लगा है। यही कारण रहा कि सोमवार को एक ट्रक लगभग तीस फीट गहरी खाई में जा गिरा।

एप्रोच पथ का आधा से भी ज्यादा का भाग नीचे धंस गया है। अब पुल जाने के लिए मात्र 4 फीट का ही रास्ता बचा है। लोगों का आवागमन के लिए करीब 696 करोड़ की लागत से बने 14.5 किलोमीटर लंबे एप्रोच रोड का इतने कम समय में टूट जाना कई सवाल खड़े कर रहा है।

नहीं रुकेगा वाहनों का परिचालन

श्रीकृष्ण सेतु पुल में एप्रोच पथ के धंसने की खबर सुर्खियों में रही। मामले पर परियोजना निदेशक प्रमोद कुमार महतो ने कहा कि अभी दो पहिया और हल्के वाहनों का परिचालन हो रहा है। जो ट्रक पलटा वो निर्माण कार्य में ही लगा हुआ था। एप्रोच पथ के किनारे बालू की वजह से ऐसा हुआ है। वाहनों का परिचालन जारी रहेगा।

अप्रैल से भारी वाहनों को हरी झंडी

मुंगेर-खगड़िया श्रीकृष्ण सेतु पर भारी वाहनों का परिचालन शुरू होने में अभी समय लगेगा। अप्रैल के बाद बड़े वाहनों को चलने की अनुमति मिलने की उम्मीद है। पथ निर्माण विभाग ने रेलवे से एनओसी मांगा है। रेलवे के कंस्ट्रक्शन विभाग की टीम श्रीकृष्ण सेतु का निरीक्षण करने अगले माह मार्च में आएगी। टीम के निरीक्षण के बाद ही बड़े वाहनों का परिचालन शुरू होगा। डबल डेकर इस पुल में नीचे से ट्रेन गुजरती है और ऊपर से वाहनों का परिचालन होता है। रेल अधिकारी ने बताया कि श्रीकृष्ण सेतु के रेलवे ट्रैक वाले हिस्से की जांच होगी। वाहनों के दवाब से रेल ट्रैक को कोई नुकसान नहीं पहुंचे, ऐसे कई बारीकियों की जांच की जाएगी।

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