नेपाल में आर्थिक आपातकाल से महंगाई आसमान छू रही है। दूसरे देश से सामान आयात करने पर प्रतिबंध के बाद वहां के नागरिक बॉर्डर पार कर सीतामढ़ी जिले से रोजमर्रा के सामान की ढुलाई जोरों पर कर रहे हैं। नेपाल से लोग रोजमरों के सामान खरीदने के लिए बिहार का रुख कर रहे हैं। बोरे में भर भरकर सामान नेपाल ले जाया जा रहा है।

नेपाल के नागरिकों की दिनभर आवाजाही देखी जा रही है। बिहार के साथ बेटी-रोटी का रिश्ता रखने वाला पड़ोसी देश नेपाल अपने सबसे खराब आर्थिक दौर से गुजर रहा है। आर्थिक संकट का हवाला देते हुए नेपाल सरकार ने भारत से जानेवाली खाद्य सामग्री और कॉस्मेटिक सामान पर प्रतिबंध लगा दिया है। उसका असर दूसरे सामान के आयात पर भी पड़ रहा है,

हालांकि इस रोक के बावजूद नेपाल के लोग सीमावर्ती सीतामढ़ी के शहरों में जमकर खरीदारी कर रहे हैं। सीमा क्षेत्र के बाजारों में नेपाली नागरिकों की भीड़ इस बात की तस्दीक करती है, जो थैला व बोरे में भरकर एकमुश्त खरीदारी कर रहे हैं।

इसी के साथ तस्करों की भी चांदी कटने लगी है। 60 हजार से अधिक महंगे मोबाइल फोन, 250 सीसी से अधिक को मोटरसाईकिल, विदेशी मदिरा, सभी प्रकार के खिलौने, सभी प्रकार की जीप, कार, वैन, 32 इंच से बड़ी सभी प्रकार के टेलीविजन सेट, पैक्ड जंक फूड, सभी प्रकार के गुटखा, तंबाकू, सिगरेट के आयात पर प्रतिबंध लगा है

नेपाल में चरम पर महंगाई

नेपाल के लोग बढ़ती कीमतों से परेशान हैं। पिछले एक पखवाड़े से रोजमर्रा के सामान व दवा वगरैह के दाम बढ़ रहे हैं। पेट्रोल 25 रुपए और डीजल 20 रुपए तक महंगा हो चुका है। यही नहीं सरसों तेल (15 लीटर (टीन) के दाम में 350 रुपए • तक की बढ़ोतरी बताई गई है। पड़ोसी देश में उपजे इस हालात के कारण बिहार पर भी नया संकट आ गया है। अचाकन से तीन गुना तक ग्राहकों की भीड़ बढ़ गई है।