बिहार सरकार को शिकायत मिल रही थी कि सूबे के प्राथमिक और उच्च विद्यालय के शिक्षक पढ़ाने के दौरान जेब से चुनौटी निकालकर आराम से खैनी ठोकते हैं, उसे होठों में दबाते हैं, उसके बाद किताब खोलते हैं. शिकायत पर संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार ने कठोर फैसला लिया है. अब ऐसा नहीं होगा. ऐसा करने वाले शिक्षकों को निलंबन की सजा भुगतनी पड़ेगी.

शिक्षा विभाग की ओर से बहुत जल्द चुनौटी और खैनी के खिलाफ विशेष अभियान शुरू किया जा रहा है. शिक्षा विभाग के अंदरखाने से मिल रही जानकारी के मुताबिक अब क्लास रूम और स्कूल कैंपस में गुरुजी के खैनी रगड़ने पर प्रशासन की निगाह रहेगी. अब गुरुजी को स्कूल में खैनी ठोकना भारी पड़ेगा. क्योंकि अब स्कूलों में गुरुजी के जेब की जांच हो सकती है. शिक्षा विभाग बतौर इसको लेकर सभी जिलों के डीएम,एसपी और डीईओ को जल्द निर्देश जारी करने वाला है. शिक्षा विभाग इस काम में लोकल पुलिस की मदद लेगा और सभी स्कूलों में छापेमारी की जाएगी.

खैनी और चुनौटी की बरामदगी के लिए सभी स्कूलों में पुलिस और शिक्षा विभाग के अधिकारी कभी भी पहुंच सकते हैं. विभाग एक जागरूकता अभियान भी चलाएगा ताकि बच्चों को तंबाकू का नुकसान भी समझा सके. आदेश जारी होते ही जिले के डीईओ, डीपीओ से लेकर पुलिस अधिकारी कभी भी स्कूलों में दस्तक दे सकते हैं.

विभाग की ओर से शिक्षकों की जेब जांच करने की पूरी प्लानिंग तैयार हो चुकी है. पकड़े जाने पर शिक्षकों के खिलाफ तुरन्त निलंबन की कार्रवाई की जाएगी. ऐसे में खैनी का सेवन करनेवाले और जेब में चुनौटी रखनेवाले गुरुजी को अब सावधान होना होगा. इस अभियान को लेकर सरकार की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगा सकते हैं कि विभाग तंबाकू से जागरूकता के लिए भारी मात्रा में पोस्टर प्रिंट करवा रहा ह, जिसे सभी जिलों में लगाया जाएगा.