हरियाणा के अजय गिल माही की मुराद बुधवार देर शाम पूरी हो गई। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धौनी ने न केवल उससे मुलाकात की, बल्कि अपने फॉर्म हाउस के अंदर बुलाया। गले लगाया। सेल्फी ली। बैट पर ऑटोग्राफ दिया और बेस्ट ऑफ लक बोल कर फ्लाइट के टिकट के साथ विदा कर दिया।

हरियाणा के जलान खेड़ा के 18 साल का अजय गिल धौनी से मिलने के लिए दूसरी बार 1436 किलोमीटर पैदल यात्रा कर रांची पहुंचा था। पिछली बार उसने 16 दिन में यह यात्रा पूरी की थी। इस बार उसे 18 दिन लगे। धौनी से मुलाकात के बाद उसने कहा- ‘मेरा जीवन धन्य हो गया।’मैंने कसम खाया था कि जब तक धौनी आशीर्वाद नहीं देंगे, क्रिकेट नहीं खेलूंगा। 15 अगस्त 2020 को उनके साथ मैंने भी क्रिकेट खेलना छोड़ दिया था। अब फिर से शुरू करुंगा। इंडियन क्रिकेट टीम में जगह बनाउंगा।’

मैंने कसम खाया था कि जब तक धौनी आशीर्वाद नहीं देंगे, क्रिकेट नहीं खेलूंगा। 15 अगस्त 2020 को उनके साथ मैंने भी क्रिकेट खेलना छोड़ दिया था। अब फिर से शुरू करुंगा। इंडियन क्रिकेट टीम में जगह बनाउंगा।’

अजय ने बताया कि 12वीं पास कर लिया हूं। फिलहाल अपने शहर में ही हेयरकटिंग करने का काम करता हूं। क्रिकेट खेलता हूं और इसी में अपना करियर बनाना चाहता हूं। जब से धौनी ने संन्यास लिया, मैंने खेलना बंद कर दिया था, लेकिन अब वह उनका आशीर्वाद लेकर एक बार फिर से अपना करियर दोबारा से शुरू करुंगा।

इससे पहले जुलाई 2019 में उत्तर प्रदेश के सहारनपुर के रवींद्र सैनी धौनी से मिलने रांची आ गए थे। वह सहारनपुर स्थित अपनी छोटी सी दुकान बेचकर मिलने रांची चले आए थे। दो साल तक आशीर्वाद लेने के लिए भटकते रहे, अंतत: कामयाब हुए। मुलाकात होने पर धौनी ने भी उनकी भावना का सम्मान किया और उन्हें अपने घर पर ही गार्ड की नौकरी पर रख लिया। 2013 से 2018 तक सैनी ने यहां सेवा दी। इस दौरान वह यहां धौनी का सान्निध्य पाते रहे। बाद में मां की बीमारी के कारण रवींद्र को सहारनपुर लौटना पड़ा।

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