देश की अर्थव्यवस्था में रिकवरी और OMSS पॉलिसी के तहत खुले बाजार में अनाज के अच्छे निपटान की वजह से पहले इसे नवंबर के बाद बढ़ाने की योजना नहीं थी।मोदी कैबिनेट ने बुधवार की मीटिंग के बाद इसे मार्च तक के लिए बढ़ा दिया है।

कोरोना संकट में शुरू हुई थी स्कीम
कोरोना संकट के दौरान प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना का मार्च 2020 में ऐलान किया गया था। गरीब कल्याण अन्न योजना का मकसद कोरोना महामारी द्वारा हुए तनाव को कम करना है। शुरुआत में PMGKAY स्कीम को अप्रैल-जून 2020 की अवधि के लिए लॉन्च किया गया था, लेकिन बाद में इसे 30 नवंबर तक बढ़ा दिया गया था।

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (PMGKAY) के तहत, सरकार नेशनल फूड सिक्योरिटी एक्ट (NFSA) के तहत पहचान किए गए 80 करोड़ राशन कार्डधारकों को मुफ्त राशन दिया जाता है। मुफ्त राशन कार्डधारकों को राशन की दुकानों के जरिए उनको मिलने वाले सब्सिडी वाले अनाज के अलावा PMGKAY का राशन दिया जाता है।

OMSS स्कीम में चावल-आटा
सरकार OMSS पॉलिसी के तहत थोक ग्राहकों को चावल और आटा दे रही है, जिससे घरेलू बाजार में उनकी उपलब्धता में सुधार हो सके और कीमतों को भी काबू में करने में मदद मिले।

प्रति व्यक्ति पांच किलो अनाज

कोरोना संक्रमण के बाद लॉकडाउन की वजह से रोजी-रोटी के लिए परेशान लोगों को सरकार ने फ्री राशन योजना शुरू की थी। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत गरीबों को मुफ्त प्रति व्यक्ति 5 किलो खाद्यान्न मिलता है। पीएचएच योजना के प्रत्येक लाभार्थी को पांच किलो एवं अंत्योदय योजना के कार्डधारियों को 35 किलोग्राम नियमित खाद्यान (दो रुपये प्रति किलो गेहूं व तीन रुपये प्रति किलो चावल) दिया जाता है।

कितनी तरह की योजना
गरीबों के बीच अनाज वितरण के लिए PMGKAY के अलावा दो तरह की योजनाएं चलाई जाती हैं। इसमें अंत्योदय और पीएचएच योजना शामिल हैं। अंत्योदय योजना के तहत गरीबों को 35 किलो प्रति कार्ड अनाज दिया जाता है। जबकि पीएचएच (पूर्व विकता प्राप्त गृहस्थ योजना) योजना के तहत कार्ड में अंकित प्रति व्यक्ति पांच किलो अनाज दिया जाता है।

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