मोकामा रेल स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर चार पर सोमवार को अचानक एक गर्भवती महिला दर्द से कराहने लगी। उसका पति बेचैन हो गया। गर्भवती महिला काफी बेचैन थी। ऐसे में पति को कुछ सूझ नहीं रहा था। तब किसी की सलाह पर पति आरपीएफ पोस्‍ट पहुंचा। इसके बाद आरपीएफ की पहल पर रेल अस्‍पताल के कर्मी पहुंचे। महिला को अस्‍पताल लाया गया। वहां महिला ने एक स्‍वस्‍थ बच्‍ची को जन्‍म दिया। जच्‍चा-बच्‍चा दोनों स्‍वस्‍थ हैं। ये शेखपुरा जिले के रहने वाले हैं। 

शेखपुरा से जा रहे थे बंडेल, प्‍लेटफार्म पर शुरू हो गई प्रसव पीड़ा 

बताया गया कि शेखपुरा जिले के बरबीघा थानाक्षेत्र के कुशेरी गांव निवासी रूदल कुमार अपनी गर्भवती पत्‍नी पिंकी देवी (20) के साथ बंडेल जाने के लिए मोकामा स्‍टेशन पर ट्रेन का इंतजार कर रहे थे। वे प्‍लेटफार्म नंबर चार पर थे। अचानक पिंकी को प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। वह काफी बेचैन हो गई तब रूदल आरपीएफ पोस्‍ट पहुंचा। वहां पोस्‍ट प्रभारी ऋषिकेश मीना को जानकारी दी। पोस्‍ट प्रभारी ने तत्‍परता दिखाते हुए रेल अस्‍पताल में इसकी सूचना दी। इसके बाद अस्‍पताल कर्मी आए और महिला को ले गए। वहां कुछ देर बाद महिला ने एक बच्‍ची को जन्‍म दिया। मां-बेटी का प्राथमिक उपचार किया गया। आरपीएफ प्रभारी के अनुसार दोनों स्‍वस्‍थ हैं। बच्‍ची को देख मां-पिता दोनों बहुत खुश नजर आए। लोगों का कहना था कि आरपीएफ की सक्रियता काबिले तारीफ है

हालांकि कुछ लोगों का कहना था कि जब महिला ऐसी स्थिति में थी तो उसे लेकर जाना ही नहीं चाहिए था। वह तो संंयोग था कि प्‍लेटफार्म पर ऐसा हुआ। आरपीएफ की सक्रियता से मेडिकल सुविधा भी मिल गई लेकिन यही समस्‍या यदि चलती ट्रेन में हो जाती तो फिर काफी मुसीबत की स्थिति उत्‍पन्‍न हो सकती थी। कुछ लोग यह भी कह रहे थे कि अब ट्रेनों में भी चिकित्‍सा सुविधा रेलवे उपलब्‍ध करा रही है।  

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