दूरसंचार विभाग (DoT) की तरफ से बीते बुधवार को एक नया निमय जारी किया गया है, जिसमें ज्यादा सिम रखने की छूट को खत्म कर दिया गया है। दूरसंचार विभाग के नए नियम के मुताबिक 9 से ज्यादा सिम रखने वाले यूजर को सिम कार्ड का वेरिफिकेशन करना अनिवार्य हो गया है। अगर आप ऐसा नहीं करते हैं, तो आपका सिम कार्ड डिएक्टिवेट यानी बंद कर दिया जाएगा। DoT का नया निमय 7 दिसंबर 2021 से देशभर में लागू हो गया है। 

30 दिनों में सिम बंद करने का आदेश DoT ने सभी टेलिकॉम ऑपरेटर्स को आदेश दिया है कि जिन यूजर्स के पास 9 से ज्यादा सिम कार्ड हैं, उन्हें नोटिफिकेशन भेजा जाए। ऐसे सभी सिम कार्ड की आउटगोइंग कॉल को 30 दिनों के अंदर बंद कर दी जाएं। जबकि इनकमिंग कॉल को 45 दिनों के भीतर बंद करने का आदेश दिया गया है। हालांकि मोबाइल सिम यूजर्स के पास एक्स्ट्रा सिम को सरेंडर करने का भी ऑप्शन होगा। अगर सब्सक्राइबर्स की तरफ से नोटिफिफाई किए गए सिम को वेरिफाई नहीं कराया जाता है, तो ऐसे सिम को 60 दिनों के भीतर बंद करने का आदेश दिया गया है। अगर सब्सक्राइबर इंटरनेशनल रोमिंग, बीमार और विकलांग व्यक्तियों को 30 दिनों का अतिरिक्त समय दिया जाएगा। अगर लॉ इन्फोर्समेंट एजेंसी की तरफ या फिर बैंक या किसी अन्य वित्तीय संस्थान की तरफ से मोबाइल नंबर के खिलाफ शिकायत मिलती है, तो ऐसे सिम की आउटगोइंग कॉल को 5 दिनों के भीतर बंद कर दिया जाएगा। साथ ही इनकमिंग 10 दिन में बंद हो जाएगी। जबकि सिम पूरी तरह से 15 दिनों में बंद हो जाएगा।

सिम कार्ड बंद करने का दिया आदेश 

दूरसंचार विभाग ने बीते बुधवार को 9 से ज्यादा सिम रखने वाले  मोबाइल यूजर्स को जल्द वेरिफिकेशन पूरा करने का आदेश दिया है। नियमों के मुताबिक एक यूजर अधिकतम 9 सिम खरीद सकता है। लेकिन जम्मू-कश्मीर और असम समेत पूर्वोत्तर के लिए अधिकतम 6 सिम कार्ड रखने का नियम है। DoT के मुताबिक यूजर की आईडी पर 9 से ज्यादा सिम को अवैध करार दे दिया जाएगा। ऐसी स्थिति में यूजर को अपनी मर्जी के सिम को बंद करने का ऑप्शन दिया जाएगा।

क्यों उठाना पड़ा ऐसा कदम

दूरसंचार विभाग ने ऑनलाइन फ्रॉड, आपत्तिजनक कॉल और की घटनाओं को रोकने के मकसद से तय मात्रा से ज्यादा सिम को बंद करने का आदेश दिया है। DoT ने फर्जी सिम कार्ड के फैले बाजार को नियंत्रित करने के मकसद से नया निमय लागू किया गया है। 

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