दुष्कर्म के आरोप से घिरे महिला महाविद्यालय के असिस्टेंट प्रोफेसर डा. कामरान आलम खान के मामले में विभागीय जांच आगे बढ़ गई है। गोपनीय जांच आख्या शासन को सीलबंद लिफाफे में भेजी गई है। बताया जा रहा है कि कार्यवाहक प्राचार्य पर भी जांच की आंच आ सकती है। जांच टीम से मिलने के बाद पीड़ित छात्रा और दो अन्य छात्राओं ने बताया कि दुष्कर्म के आरोप में जेल गए गणित के असिस्टेंट प्रोफेसर डा. कामरान आलम खान का कॉलेज में दबदबा था। कार्यवाहक प्राचार्य ने कभी इस स्थिति को गंभीरता से नहीं लिया और इसीलिए मनमानी बढ़ती रही। यह बात जांच टीम के संज्ञान में लाई गई है। सूत्रों की बात पर यकीन करें तो जांच टीम की अध्यक्ष और मंडल की क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी डा. संध्यारानी ने छात्राओं के सवालों पर कार्यवाहक प्राचार्य से जवाब लिए हैं। जब अमर उजाला ने इस संबंध में क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी से जानकारी चाही तो उन्होंने बताया कि जांच गोपनीय थी और इसके विषय में वह कुछ नहीं बता सकती हैं। 

हां इतना जरूर है कि जो तथ्य सामने आए हैं उन्हें पूरी ईमानदारी के साथ शासन को अवगत कराया जा रहा है। जांच रिपोर्ट को सीलबंद लिफाफे में निदेशक उच्च शिक्षा के पास भेज दिया गया है। अग्रिम कार्रवाई का निर्णय शासन ही लेगा। उनकी प्राथमिकता कॉलेज को पुराना गौरव लौटाना है। 

इस तरह की घटना आगे कभी न होने पाए यह सुनिश्चित करने के लिए जरूरी उपाय भी किए जाएंगे। इस संबंध में सबसे अहम बात कॉलेज में महिला प्राध्यापकों की नियुक्ति है। इस विषय में पहले भी शासन में पैरवी की गई है। जांच टीम में डॉ. संध्यारानी के साथ राजकीय महिला महाविद्यालय की बदायूं की प्राचार्य डा. स्मिता जैन और रानी आवंती बाई लोधी राजकीय महिला महाविद्यालय बरेली की प्राचार्य डा. मनीषा राव भी हैं

ये है मामला
राजकीय महिला महाविद्यालय में गणित के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. कामरान आलम खान के खिलाफ बीएससी की छात्रा ने दुष्कर्म और रैक्स रैकेट चलाने का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई थी। असिस्टेंट प्रोफेसर की गिरफ्तारी की गई। तभी से वह जेल में है। अब तक की विवेचना में पुलिस उन छात्राओं तक के बयान नहीं ले सकी है जो असिस्टेंट प्रोफेसर की करतूतों की कलई खोल सकती थीं। 

अब तक का घटनाक्रम
21 नवंबर- बीएससी की छात्रा ने असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. कामरान आलम खान के खिलाफ दुष्कर्म और सेक्स रैकेट के संचालन का आरोप लगाया। रिपोर्ट दर्ज कराई।
26 नवंबर- असिस्टेंट प्रोफेसर को पुलिस ने गिरफ्तार कर 27 नवंबर को अदालत में पेश किया। अदालत ने आरोपी को जेल भेजा।
04 दिसंबर- निदेशक उच्च शिक्षा के आदेश पर क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी के नेतृत्व में जांच टीम आई। छात्राओं, शिक्षकों, शिक्षणेत्तर कर्मचारियों और कार्यवाहक प्राचार्य के बयान लिए गए। जांच आख्या शासन को भेजी गई।
05 दिसंबर- पुलिस की विवेचना जारी है। सेक्स रैकेट के संचालन का कोई साक्ष्य पुलिस नहीं जुटा सकी है। पीड़िता ने जांच के तरीके पर पर सवाल उठाए हैं।

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