ओडिशा के नुआपाड़ा जिले में मंगलवार की शाम नक्सलियों के हमले में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के तीन जवान शहीद हो गये। शहीदों की पहचान एएसआई शिशु पाल सिंह, शिव लाल और कांस्टेबल धर्मेंद्र कुमार सिंह के रूप में हुई है। CRPF के कांस्टेबल धर्मेंद्र कुमार सिंह रोहतास के कछवा ओपी के सरैया के रहने वाले थे। धर्मेंद्र कुमार सिंह का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव सरैया लाया गया। पार्थिव शरीर के पहुंचते ही पूरा गांव भारत माता की जयकारे से गूंज उठा।

हजारों की संख्या में युवा शहीद जवान को श्रद्धांजलि देने पहुंचे थे। शहीद जवान को श्रद्धांजलि देने के लिए ग्रामीणों के अलावा आसपास के गांव के लोग भी इकट्ठा हो गये। देर रात शहीद धर्मेंद्र कुमार सिंह का शव उनके पैतृक गांव पहुंचा। वही आज सुबह पूरे रीति रिवाज से उनका अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान सीआरपीएफ के जवानों ने राइफल से फायरिंग कर दिवंगत साथी को श्रद्धांजलि अर्पित की।

इस मौके पर सीआरपीएफ के DIG संजय कुमार के अलावे रोहतास के एसपी आशीष भारती, डीआईडी छत्रनिल सिंह, उप विकास आयुक्त शेखर आनंद के अलावे अन्य अधिकारी मौजूद रहे। बता दें कि नक्सलियों से लोहा लेते हुए उड़ीसा के जंगलों में CRPF के 3 जवान शहीद हुए थे। जिसमें रोहतास के धर्मेंद्र कुमार सिंह भी शामिल थे। धर्मेंद्र कुमार सिंह अपने दो भाइयों में सबसे बड़े थे। घर में बुजुर्ग माता-पिता और दो बेटे रहते हैं।

शहीद जवान ‘सरैया’ गांव के किसान रामायण सिंह के बड़े पुत्र थे। वर्ष 2011 से CRPF में कांस्टेबल के पद पर कार्यरत थे। धर्मेंद्र कुमार सिंह की उनके सर्वोच्च बलिदान पर पूरा गांव गौरवान्वित है। गांव का हर एक व्यक्ति शहीद धर्मेंद्र कुमार सिंह की अंतिम विदाई में शामिल हुआ और श्रद्धांजलि अर्पित की। शहीद जवान के 12 साल के पुत्र रौशन ने पिता को मुखाग्नि दी। इस दौरान पूरा गांव भारत माता की जयकारे से गूंज उठा।

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