महाराष्ट्र में शुरू हुआ राजनीतिक संकट फिलहाल खत्म होता नहीं दिख रहा है। अपनी पार्टी शिवसेना और सरकार बचाने के लिए मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे अब इमोशनल कार्ड खेल रहे हैं। उद्धव ठाकरे ने अपना मुख्यमंत्री वाला आवास खाली कर दिया। रात के वक्त अपने परिवार के साथ उद्धव सरकारी आवास खाली कर बालासाहेब ठाकरे के पैतृक घर मातोश्री पहुंच गए। मातोश्री के बाहर रात भर शिवसैनिकों की भारी भीड़ जमा रही। शिवसैनिक उद्धव ठाकरे के समर्थन में नारेबाजी करते रहे और शिव सैनिकों के इस जमावड़े को देखकर सियासी जानकार मान रहे हैं कि उद्धव भविष्य के लिए इमोशनल कार्ड खेल रहे हैं। हालांकि मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के इस पहल का बागी गुट के ऊपर कोई असर नहीं दिखा है। बागी नेता एकनाथ शिंदे ने दावा किया है कि उनके पास शिवसेना के विधायकों की संख्या 38 हो गई है। फिलहाल यह सभी विधायक गुवाहाटी में हैं।

इसके पहले यह खबर आई थी कि पिछले दिनों कोरोना संक्रमित पाए गए उद्धव ठाकरे की रिपोर्ट निगेटिव आ गई है। उद्धव ठाकरे के साथ सीएम आवास वर्षा को छोड़कर उनकी पत्नी रश्मि ठाकरे बेटे और महाराष्ट्र सरकार के मंत्री आदित्य ठाकरे और छोटे बेटे तेजस ठाकरे भी मातोश्री पहुंच गए। उधर एकनाथ शिंदे दावा कर रहे हैं कि आज सुबह तक शिवसेना के चार और विधायक उनके पास गुवाहाटी पहुंच जाएंगे। उद्धव ठाकरे जब मातोश्री पहुंचे तो वहां शिवसैनिकों की भारी भीड़ देखने को मिली। इस दौरान उन्होंने अपनी गाड़ी से निकल कर सबका अभिवादन किया। देर रात शरद पवार और सुप्रिया सुले भी उद्धव से मुलाकात करने पहुंचे थे।

माना जा रहा है कि आज गुवाहाटी के होटल रेडिसन ब्लू में एकनाथ शिंदे प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सकते हैं। फिलहाल वह उद्धव ठाकरे के सामने आकर बातचीत करने को तैयार नहीं हैं। उद्धव ठाकरे से उनकी जो बातचीत पहले हुई है वह विफल हो चुकी है आज एनसीपी विधायकों की अलग से एक बैठक होने जा रही है। सुबह 10 बजे यह बैठक मुंबई में शुरू होगी। उद्धव ठाकरे इमोशनल कार्ड खेलते हुए चुके हैं कि वह मुख्यमंत्री पद छोड़ने को तैयार हैं लेकिन इसके लिए जरूरी है कि नेता आमने–सामने आकर बातचीत करें, जबकि एकनाथ शिंदे कह रहे हैं कि बगैर की कोई बात नहीं होगी और शिवसेना विधायक बीजेपी के साथ सरकार चाहते हैं।

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