जामताड़ा सीमावर्ती पश्चिम बंगाल के आसनसोल नियामतपुर स्थित चबका और दिशा रेड लाइट इलाके मे सेक्स वर्कर ने देर रात जमकर खुशियां मनाई और मिठाई बांटी. इस दौरान रेड लाइट इलाके मे अचानक से सेक्स वर्कर द्वारा बांटी जा रही मिठाइयां इलाके के लोगों को हैरान और परेशान कर रही थी. हर कोई सोच मे था की आखिरकार ऐसा क्या हुआ है कौन सी ऐसी बात है जिस कारण यौनकर्मी महिलायें इतनी खुश हैं कि वह ख़ुशी के मारे इलाके मे मिठाइयां बांट रही हैं.

जिसके बाद उन्होने बताया कि वो सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत कर रहे हैं. वो अपने पेट पालने के लिए इसमे आई थी. हालांकि पुलिस वाले बार-बार उन्हें परेशान करने के लिए आ जाते थे. इस दौरान वो ग्राहकों को भी उठा ले जाते थे और उन्हें परेशान करते थे. जिस वजह से उन्हें लगातार समस्या का सामना करना पड़ा था.

सेक्स वर्कर ने आगे बताया कि पुलिस वाले उन्हें उनकी कमाई में भी हिस्सा मांगते थे. हालांकि अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद हमे उम्मीद है कि अब हमे कोई भी परेशान नहीं करेगा और वो सम्मान के साथ अपने जीवन को जी पाएंगी.

सुप्रीम कोर्ट ने दिया था आदेश
बता दे देश में सुप्रीम कोर्ट ने वेश्यावृत्ति को वैध करार दिया है. SC ने कहा कि इसको लेकर अब पुलिस दखलंदाजी नहीं कर सकती और न ही सहमति से यह कार्य करने वाले सेक्स वर्करों पर कोई कार्रवाई कर सकती है. सुप्रीम कोर्ट ने आपने आदेश में कहा कि कानून के सामने सेक्स वर्करों को भी सम्मान व बराबरी का हक है. SC के जस्टिस एल. नागेश्वर राव की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने यह फैसला दिया है.