सुपौल जिले के सदर अस्पताल में प्रसव कराने आई प्रसूता की देखभाल में लापरवाही मामले में स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। सीएस डॉ. इन्द्रजीत प्रसाद ने जांच के बाद प्रथम दृष्टया लापरवाही मामले में ग्रेड ए की चार नर्सों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

निलंबन की अवधि के दौरान बबीता कुमारी का मुख्यालय अनुमंडलीय अस्पताल निर्मली, श्यामलता का ललित नारायण अस्पताल वीरपुर, मीना कुमारी का रेफरल अस्पताल राघोपुर और रूपम कुमारी का बलुआ बाजार बनाया गया है। निलंबन की अवधि के दौरान उन्हें जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा। 

सीएस डॉ. इन्द्रजीत प्रसाद ने बताया कि 2 अप्रैल को चैनसिंहपट्टी वार्ड 8 निवासी विकास कुमार की पत्नी बबीता देवी प्रसव कराने आई थी। ई रिक्शा पर प्रसव होने के बाद भी आधा घंटा से अधिक देर तक ड्यूटी पर तैनात नर्सों ने नहीं देखा। 
इसके बलावा बैरो पंचायत के झखराही वार्ड 7 के मो. सगीर की पत्नी तबुस्सुम आरा को प्रसव हुआ। लेकिन उचित देखभाल नहीं करने के कारण नवजात की मौत हो गई। परिजन के बयान का वीडियो फुटेज और जांच पदाधिकरी के रिपोर्ट के आधार पर नर्सों को प्रसव कक्ष में कर्त्तव्य के प्रति लापरवाही के लिए दोषी माना गया। इसी के तहत चारों नर्सों पर कार्रवाई हुई है। उन्होंने कहा कि ऐसी करतूत बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

गौरतलब है कि चैनसिंहपट्टी की बबीता देवी प्रसव पीड़ा होने के बाद परिजन उसे सदर अस्पताल लेकर आए। लेकिन ई रिक्शा पर ही प्रसव हो गया। खून से लथपथ बबीता दर्द से छटपटाती रही लेकिन प्रसव कक्ष में तैनात एएनएम चाय की चुस्की लेने में व्यस्त रही। इसके अलावा झखराही की तबुस्सुम आरा को प्रसव हुआ लेकिन उचित देखरेख नहीं होने से नवजात की मौत हो गई थी। हिन्दुस्तान ने 3 अप्रैल के अंक में इस खबर को प्रमुखता से छापा था।