मुख्यमंत्री की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालनेवाली स्पेशल सिक्योरिटी ग्रुप (एसएसजी) की बड़ी लापरवाही बख्तियापुर की घटना में सामने आई है। सुरक्षा में चूक को लेकर जांच के बाद दोषी पुलिसकर्मियों पर गाज गिर सकती है। पर वायरल वीडियो में साफ तौर पर दिख रहा है कि मुख्यमंत्री की सुरक्षा में तैनात क्लोज प्रोटेक्शन टीम (सीपीटी) अपने दायित्वों को निभाने में पूरी तरह विफल रही। वीआईपी सुरक्षा से जुड़े जानकारों का मानना है कि सीपीटी के रहते हुए किसी अनजान शख्स के मुख्यमंत्री तक पहुंच जाना सुरक्षा में बड़ी चूक है।

क्या है सीपीटी

अति विशिष्ट व्यक्तियों की सुरक्षा कई लेयर में होती है। चाहे वह गाड़ी से कहीं आ जा रहे हों या फिर किसी कार्यक्रम में शामिल हो रहे हों, सुरक्षा में जुटे पुलिस अधिकारियों और जवानों में सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारी क्लोज प्रोटेक्शन टीम की होती है। वीवीआईपी के आसपास इनका ही घेरा होता है। बगैर इनके चाहे कोई भी व्यक्ति वीवीआईपी तक नहीं पहुंच सकता। पर बख्तियापुर की घटना के वायरल वीडियो में साफ तौर पर दिख रहा है कि सीपीटी की टीम ने मुख्यमंत्री की ओर जाते युवक को नहीं रोका। सीपीटी की लापरवाही का ही नतीजा था कि युवक बड़े आराम से मुख्यमंत्री के पास पहुंच गया। 

घटना को लेकर जांच जारी 

मुख्यमंत्री की सुरक्षा में चूक को लेकर उच्चस्तरीय जांच जारी है। हालांकि पुलिस मुख्यालय के स्तर से इसपर कोई भी कुछ बोलने को तैयार नहीं है। बख्तियापुर के उस परिसर का भी मुआयना किया गया जहां घटना हुई थी। कहां किसकी ड्यूटी थी और किसे क्या जिम्मेदारी दी गई थी, इसकी भी छानबीन की जा रही है। जांच के दौरान उन पुलिस अधिकारियों व जवानों को चिन्हित किया जाएगा, जिन्होंने सुरक्षा में लापरवाही बरती। जांच रिपोर्ट के बाद इस मामले में कइयों पर गाज गिर सकती है।

खुफिया एजेंसियों ने भी घटनास्थल को खंगाला

पुलिस के अलावा अधिकारियों के अलावा खुफिया एजेंसियों से जुड़े अफसरों ने भी बख्तियारपुर पहुंच मामले की छानबीन की। सूत्रों के अनुसार खुफिया एजेंसियों की वीवीआईपी सुरक्षा में अहम जिम्मेदारी होती है। लिहाजा वहां सुरक्षा को लेकर क्या चूक रही और यह कैसे हुई, इसकी पड़ताल खुफिया एजेंसियों द्वारा की गई। माना जा रहा है कि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हो इसके मद्देनजर खुफिया एजेंसियां अपने स्तर से छानबीन कर रही हैं। 

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