सीतामढ़ी के पुपरी थाने के एक पूर्व दारोगा पर यौन शोषण का गंभीर आरोप लगा है। इल्जाम है कि उस दारोगा ने वर्दी की आड़ में एक शादीशुदा महिला को शादी का झांसा देकर पहले प्रेमजाल में फांस लिया और शारीरिक शोषण किया। फिर वह अपना ट्रांसफर करा दूसरे थाने में चला गया।

अब पीड़िता ने दारोगा के खिलाफ़ प्राथमिकी दर्ज कराई है। बाजपट्टी थाना क्षेत्र की महिला द्वारा दर्ज मामले का आरोपी दारोगा का नाम शांति प्रकाश कुजूर है। वह वर्तमान में महिंदबाड़ा थाने में तैनात है।

प्राथमिकी के मुताबिक, वर्ष 2009 में महिला के पति की मृत्यु सड़क दुर्घटना में होने के बाद बच्चों के भरण-पोषण के लिए वह पुपरी बाजार आ गई। इसके बाद वह मलंग स्थान मोहल्ला में किराये का कमरा लेकर रहने लगी। सिनेमा हॉल चौक पर ठेला पर फल बेचने लगी।

वर्ष 2018 में पुपरी थाने में तैनात तत्कालीन दारोगा शांति प्रकाश कुजूर ने सड़क किनारे ठेला नहीं लगाने को लेकर परेशान करने लगा। महिला ने जब मजबूरी का हवाला दिया तो उस दारोगा ने रात में घर पर भोजन बनाकर खिलाने की बात कही। इसके बाद महिला उसको रात का खाना खिलाना शुरू कर दी।

आरोप है कि जब भी रात में वह महिला के घर जाता तो खाना खाने के बाद वह उसके बगल में सो जाता था। इसी बीच एक दिन महिला के पुत्र व पुत्री नानी घर चले गए। उस रात आरोपी दारोगा बाजार से ही खाना लेकर कमरे पर गया। जहां खाना खाने के बाद महिला बेहोश हो गई।

सुबह उठने पर उसने देखा कि उसके बगल में दारोगा बिना कपड़े के सोया हुआ है। उसने चिल्लाना शुरू कर दी। इस पर आरोपी दारोगा ने चुप कराते हुए पत्नी की तरह रखने व जल्द ही शादी कर लेने का भरोसा दिया। इस दौरान करीब दो साल तक उसने महिला का यौन शोषण करता रहा।

काफी समय होते देख जब पीड़िता ने शादी का दवाब बनाना शुरू की तो वह ट्रांसफर कराकर चला गया। इसके बाद पीड़िता थानाध्यक्ष से लेकर संबंधित अधिकारियों को गुहार लगाती रही। बावजूद इसके कहीं से कोई न्याय नहीं मिल सका। पुलिस प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

Input : Dainik Jagran.

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