अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें पहले ही 14 साल पुराने रिकॉर्ड स्तर के आसपास मंडरा रही हैं और अब अमेरिका ने रूस से तेल आयात रोककर इसपर और दबाव बढ़ा दिया है। अमेरिका दुनिया का सबसे बड़ा तेल उत्पादक है, लेकिन वहां भी प्राकृतिक गैस की कीमतें ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच चुकी हैं। सवाल है कि अब अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने जो फैसला लिया है, उसका असर इसकी कीमतों पर क्या होगा? सबसे बड़ी बात की भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतों जो चुनावों की वजह से चार महीने से भी ज्यादा से नहीं बढ़ी हैं, उसमें अचानक कितनी बढ़ोतरी होगी?

अमेरिका में रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा गैस का दाम
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने अपने देश के सांसदों और यूक्रेन के दबाव की वजह से आखिरकार रूस से तेल, गैस और ऊर्जा आयात पर प्रतिबंधों की घोषणा कर दी है। लेकिन, अमेरिका को यह फैसला ऐसे समय में लेना पड़ा है, जब वह खुद ही पेट्रोलियम पदार्थों की रिकॉर्ड कीमतों को झेल रहा है। अमेरिका में गैस का औसत दाम ऐतिहासिक 4.17 डॉलर प्रति गैलन (85 रुपये प्रति लीटर के करीब) तक पहुंच गया है, जो कि 2008 के पिछले रिकॉर्ड को भी पार कर गया है। कैलिफोर्निया के कुछ गैस स्टेशनों में तो इसकी खुदरा कीमत 7 डॉलर प्रति गैलन से भी ज्यादा हो चुकी है। ऊपर से राष्ट्रपति बाइडेन ने चेतावनी दी है कि आगे की राह और भी मुश्किल होने वाली है।

रूस से तेल-गैस आयात पर प्रतिबंध का अर्थ क्या है?
अमेरिकी प्रतिबंध का मतलब ये है कि अब वह रूस से कोई नया कच्चा तेल, कुछ पेट्रोलियम पदार्थ, एलपीजी और कोयले का आयात नहीं करेगा। अमेरिकी प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक पहले से जो खरीद हो चुकी है, उसकी मंजूरी पहले ही दी जा चुकी है। यानि जो सौदे पहले ही हुए हैं, उसपर इन प्रतिबंधों का असर नहीं दिखता नजर आ रहा है।

दूसरे देशों से क्या चाहेगा अमेरिका ?
अमेरिकी प्रतिबंधों का दूसरे देशों पर रूस से कच्चे तेल या प्राकृतिक गैस के आयात पर कोई असर नहीं पड़ेगा। खुद घोषणा करते वक्त बाइडेन ने भी कहा है कि यह फैसला वह अपने यूरोपीय सहयोगियों से चर्चा के बाद कर रहे हैं और उनसे ना तो उम्मीद करते हैं और ना ही कहेंगे कि वह भी अपने आयातों पर पाबंदी लगाएं। उन्होंने कहा,’अमेरिका यह कदम उठाने में इसीलिए सक्षम है क्योंकि उसके पास खुद का मजबूत घरेलू ऊर्जा उत्पादन और इंफ्रास्ट्रक्चर है। और हम समझते हैं कि हमारे सभी सहयोगी और साझीदार इस समय हमारे साथ आने की स्थिति में नहीं हैं।’

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