बिहार में सियासी दलों द्वारा इफ्तार पार्टी का आयोजन शिद्दत से किया जाता है। इन पार्टियों में जमकर इफ्तार की सियासत भी होती है। इफ्तार के आयोजन के दौरान कई समीकरण बदल जाते हैं और कुछ नए सियासी समीकरण खड़े भी होते हैं ।

राष्ट्रीय जनता दल की ओर से पिछले दिनों पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के आवास पर इफ्तार पार्टी का आयोजन किया गया था जिसमें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शरीक हुए थे। बोचहां विधानसभा उपचुनाव के बाद मुख्य विपक्षी दल राजद इफ्तार पार्टी में नीतीश कुमार के शामिल होने से बिहार का राजनीतिक तापमान काफी बढ़ गया था। इस पार्टी के चारों ओर जमकर चर्चा हुई थी।

अब बिहार की एक नई इफ्तार पार्टी की चर्चा जोरों पर है। 28 अप्रैल को जदयू की ओर से इफ्तार पार्टी का आयोजन किया गया है जिसमें लालू प्रसाद यादव के पूरे परिवार के साथ साथ राजद के कई बड़े नेताओं को दावत दी गई है। जनता दल यूनाइटेड अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ की देखरेख में हज भवन में इसका आयोजन होना है जिसकी तैयारी जोर शोर से चल रही है। यह पार्टी सामान्य से हटकर है क्योंकि इसमें शामिल होने वाले मेहमान भी खास हैं।

इस आयोजन के बारे में सलीम परवेज ने बताया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इसमें शामिल होने का न्योता कुबूल कर लिया है। उन्होंने बताया कि जिन लोगों को दावत दिया गया है उनमें प्रमुख रूप से राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव, तेज प्रताप यादव, अब्दुल बारी सिद्दीकी समेत कई बड़े नेता शामिल हैं। हालांकि उन्होंने यह भी कहा सभी राजनीतिक दलों के नेताओं को दावत दी गई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सलीम परवेज ने कहा कि लालू प्रसाद यादव पार्टी में शामिल होते हैं उन्हें उनके साथ साथ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भी बहुत खुशी होगी। सलीम परवेज कहते हैं यह किसी टॉपिक या आईडियोलॉजी की वजह से नीतीश कुमार और लालू यादव एक दूसरे से अलग हैं। लेकिन आज भी दोनों बहुत अच्छे दोस्त हैं और एक दूसरे के दिल में रहते हैं।

इस पार्टी के सियासी संभावना के सवाल पर सलीम परवेज कहते हैं कि जब दो चार लोग साथ बैठते हैं तो कुछ नई बातें सामने आती ही है। लेकिन आने वाले दिनों में क्या फैसला लिया जाएगा यह पार्टी के शीर्ष नेतृत्व पर निर्भर है

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