भारत सरकार पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों से निजात पाने की हरसंभव कोशिश कर रही है. ऐसे कयास लगाए जा रहे थे पांच राज्यों में चुनाव के बाद ईंधन की कीमतों में इजाफा हो सकता है, लेकिन इन दो कारणों की वजह से अब अनुमान लगाया जा रहा था कि आने वाले समय में महंगे पेट्रोल-डीजल से राहत मिल जाएगी.

रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध के चलते अमेरिका ने रूस पर तमाम प्रतिबंध लगा दिए हैं. बहुत से यूरोपीय देशों ने रूस से कच्चा तेल खरीदना बंद कर दिया है. ऐसे में रूस ने अपने पुराने दोस्त भारत को डिस्काउंट पर कच्चा तेल (Crude Oil) देने का ऑफर दिया है

रायटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत रूस के इस ऑफर पर विचार कर रहा है. अगर दोनों देशों के बीच सहमति बनती है तो भारत में तेल की कीमतों पर इसका सीधा असर पड़ेगा। भारत अपनी जरूरत का करीब 80 फीसदी तेल आयात करता हैं, जिनमें रूस से लिया गया 2-3 फीसदी तेल भी शामिल हैं.


6 महीने में बनने लगेंगे फ्लेक्स फ्यूल इंजन


इससे पहले केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) ने शनिवार को बताया था कि उन्होंने सभी बड़ी ऑटोमोबाइल कंपनियों के प्रबंध निदेशकों और सियाम के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की. उन्होंने वादा किया कि छह महीने के भीतर वे वाहनों के लिए फ्लेक्स फ्यूल इंजन का विनिर्माण शुरू करेंगे, जो एक से अधिक ईंधन से चल सकते हैं. फ्लेक्स फ्यूल, गैसोलीन और मेथेनॉल या एथेनॉल के मिश्रण से तैयार एक वैकल्पिक ईंधन होता है.

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