जिले के अब प्रत्येक पंचायतों में एक-एक माध्यमिक अथवा उच्च माध्यमिक स्कूल को कंपलेक्स रिसोर्स सेंटर (सीआरसी) बनाया जाएगा। पंचायत में संचालित प्रारंभिक से लेकर उच्च माध्यमिक स्तर तक के सभी स्कूल सीआरसी से संबद्ध किए जायेंगे।

संबद्ध स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व्यवस्था बहाल रखने समेत विभाग द्वारा सौपे जाने वाले अन्य कार्यो का मॉनिटरिंग कंपलेक्स रिसोर्स सेंटर (सीआरसी) द्वारा किया जाएगा। सीआरसी को क्षेत्र के संबंधित शिक्षकों को समय समय पर अन्मूखीकरण करने, संबद्ध ) स्कूलों का अनुश्रवण करने, छात्रलाभुक विभिन्न योजनाओं व विभागीय योजनाओं, आदेश पत्रों का समय-समय पर क्रियान्वयन कराने की जिम्मेवारी दी जाएगी।

गाइडलाइन निर्धारित किया गया है।इसके तहत यदि किसी पंचायत में एक से अधिक माध्यमिक अथवा उच्च माध्यमिक स्कूल संचालित होंगे तो सीआरसी के चयन के लिए जिस स्कूल का स्थापना वर्ष सबसे पहले होगा, उसे कंपलेक्स रिसोर्स सेंटर (सीआरसी) के रुप में अधिसूचित करने की कार्रवाई की जाएगी।

सीआरसी स्कूल अधिसूचित करने के लिए 30 तक का समय

बिहार शिक्षा परियोजना परिषद ने डीईओ को प्रत्येक पंचायत में एक-एक माध्यमिक अथवा उच्च माध्यमिक स्कूल को सीआरसी के लिए अधिसूचित करने के लिए 30 अप्रैल तक का समय दिया है। परियोजना निदेशक श्रीकांत शास्त्री ने डीईओ को सीआरसी के रूप में स्कूलों का चयन कर 30 अप्रैल तक सूची उपलब्ध कराने को कहा है। साथ ही सीआरसी के लिए विद्वित स्कूलों से संबद्ध किए जाने वाले स्कूलों की रिपोर्ट भी निर्धारित प्रपत्र में मांगा गया है। स्कूलों की सूची हार्ड व सॉफ्ट कॉपी में विभाग को उपलब्ध कराई जाएगी।

स्कूलों को अधिसूचित करने की प्रक्रिया में जुटे विभागीय अधिकारी

जिले के प्रत्येक पंचायत में एक-एक माध्यमिक अथवा उच्च माध्यमिक स्कूल को सीआरसी के रुप में अधिसूचित करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है डीईओ ने बीईओ को सीआरसी स्कूल के लिए विभाग द्वारा निर्धारित मापदंड के अनुरूप माध्यमिक व उच्च माध्यमिक स्कूलों की सूची उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। डीईओ अवधेश प्रसाद सिंह ने कहा है कि सीआरसी स्कूल चयन के लिए विभाग द्वारा निर्धारित गाइडलाइन के अनुरूप आवश्यक प्रक्रिया की जा रही है।

जिले में पूर्व से अधिसूचित मिडिल स्कूल सीआरसी समन्वयकों को सेवामुक्त कर मूल स्कूलों में वापस लौटाई जा चुकी है। पूर्व व्यवस्था के तहत सीआरसीसी के पद पर अहर्ता रखने वाले शिक्षकों का चयन कर प्रतिनियुक्ति की जाती रही है। लेकिन विभाग ने पिछले वर्ष सीआरसीसी के पद पर प्रतिनियुक्ति शिक्षकों की सेवा मूल स्कूल में योगदान के लिए वापस कर दी थी। ताकि संबंधित मूल स्कूल में शिक्षकों के कमी से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित नहीं हो।

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