नगर निगम की उदासीनता के कारण शहर का प्रसिद्ध नगर उद्यान (सीता कुंज उद्यान) आवारा पशुओं का चारागाह बनते जा रहा है जिससे सुबह व शाम टहलने आने वाले लोगों को काफी परेशानी होती है। वहीं यहा नियमित साफ-सफाई से लेकर रखरखाव का घोर अभाव है। पार्क के अंदर लगाए गए बच्चों का झूला व पेयजल का नल आदि ध्वस्त हो चुके है। पेड़-पौधे के सूखा पत्ता से पूरा उद्यान प्रांगण पटा हुआ है। वहीं जहां-तहां झाड़ियां भी उग आयी है। उद्यान के मुख्यद्वार पर खुला नाला हमेशा जाम रहता है जिससे दुर्गंध की बदबू आती है।

शहरवासियों के समय व्यतीत करने का प्रमुख स्थल है नगर उद्यानः शहर के मध्य में अवस्थित होने के कारण नगर उद्यान शहरवासियों के समय व्यतीत करने का प्रमुख स्थल है। जहां भारी संख्या में नियमित मार्निंग वॉक. व्यायाम के अलावे शाम में मनोरंजन करने आते हैं। पर पार्क की स्थिति देख लोगों की संख्या में कमी आ रही है।

शिकायत के बाद भी नहीं हो पाता नियमित सफाईः पार्क के अन्दर बैठे सेवा निवृत कर्मी हरिनारायण महतो, जयनारायण राउत, जयदेव राय, शैलेन्द्र कुमार आदि ने बताया कि हम लोग विभिन्न पदों से सेवानिवृत्त हो चुके हैं। पार्क में नियमित सुबह में मार्निंग वॉक एवं शाम में अपने उम्र के लोगों के साथ समय बिताने आते हैं। लेकिन पार्क के अन्दर हमेशा गंदगी फैली रहती है। आवारा पशु घुमते रहते हैं। इस बाबत नगर निगम प्रशासन से सामूहिक शिकायत करने के बाद भी पार्क का नियमित सफाई नहीं हो पा रही है।

Input : hindustan

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