अररिया और आसपास के इलाके से करीब 100 यात्रियों को लेकर अंबाला के लिए रवाना हुई बस का ड्राइवर सुपौल के ब्रह्मस्थान चौक के पास गाड़ी खड़ी कर बिना बताये फरार हो गया. घटना के संबंध में बताया जाता है कि बस मालिक पर करीब डेढ़ लाख रुपये का बकाया होने के कारण स्थानीय निवासी उमाशंकर सिंह ने बस के सभी यात्रियों को बंधक बना लिया है.

महिलाएं, बच्चे और बूढ़े सभी होते रहे परेशान

जानकारी के मुताबिक, सुपौल जिला मुख्यालय स्थित ब्रह्मस्थान चौक पर एक कांट्रेक्टर द्वारा अंबाला जा रही बस को रोक लिया गया. इस बस में सवार महिलाएं, बच्चे और बूढ़े को पूरी रात से लेकर सुबह के 10 बजे तक परेशानियों का सामना करना पड़ा. हालांकि, मामले में पुलिस द्वारा हस्तक्षेप किये जाने के बाद बस गंतव्य के लिए प्रस्थान कर गयी.

बस में दिल्ली, अंबाला और लुधियाना के सवार थे यात्री

अररिया जिले के फारबिसगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत सरजु बारदार, रमेश बारदार, रितेश बारदार, मो मुस्तकीम, मो युनूस, साजदा परवीन, नेखत परवीन सहित बस में करीब 100 सवार यात्रियों ने दुखड़ा सुनाते हुए बताया कि वे लोग शनिवार की सुबह घर से बस (एचआर 38 वाय 4446) में सवार होकर दिल्ली, अंबाला सहित लुधियाना के लिए जा रहे थे.

बंधक यात्रियों में शामिल थे कई रोजेदार

इसी बीच, सुपौल जिला मुख्यालय के ब्रह्म स्थान चौक के समीप रात के 11 बजे बस ड्राइवर बस खड़ी कर दी और बिना कुछ बताए वहां से गायब हो गया. रात ढलती गयी. बस चालक को खोजने के लिए कुछ यात्री गये, तो पता लगा कि स्थानीय निवासी उमाशंकर सिंह ने चालक सहित बस के सभी यात्री को बंधक बना लिया है. इस दौरान कई लोग रोजे में थे और कई लोग पानी को भी तरस रहे थे.

सदर थाने की पुलिस के पहुंचने के बाद रवाना की गयी बस

इधर, बस बंधक बनानेवाले उमाशंकर सिंह के अनुसार, उसका डेढ़ लाख रुपये बस मालिक पर बकाया था. इसको लेकर उन्होंने बस को रोक रखा था. हालांकि, सवारी की सूचना पर सदर थाना पुलिस के पहुंचते ही उमाशंकर सिंह ने बस को छोड़ दिया. इसके बाद बस गंतव्य के लिए रवाना हो गयी.

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