जिले के बथनाहा के किसान आम में सड़न रोकने के लिए प्राकृतिक विधि का उपयोग कर रहे हैं। किसान आम के पेड़ों पर फेरोमोन ट्रैप लगाकर प्राकृतिक विधि से मक्खियों की संख्या पर नियंत्रण कर रहे हैं। बताया कि आम में सड़न मादा मक्खियों के कारण होती है।

मादा मक्खी आम में डंक मारकर उसमें अंडा देती है। आम के बाहर दिखने वाला काला धब्बा इसी डंक के कारण होता है। वहीं आम के अंदर अंडा लार्वा में बदल कर आम में सड़न पैदा करता है। इससे दिनों दिन मक्खियों की संख्या में वृद्धि होती है व आम के फलों को इसी प्रकार नुकसान पहुंचता है। किसान मनोज कुमार व राम एकबाल सिंह ने कहा कि पहले प्रतिवर्ष हमें सीजन के शुरू से ही आम पर काले धब्बे नजर आते थे, जो बाद में सड़कर गिर जाते थे।पिछले वर्ष किया या प्रयोग |

मौसम में बदलाव व तापमान में वृद्धि के साथ ही आम के बागानों में मक्खियों का प्रकोप बढ़ जाता है। अपना खेत बागान फाउंडेशन के द्वारा बागों के बेहतर प्रबंधन एवं फलों के गुणवत्तापूर्ण उत्पादन के लिए फेरोमोन ट्रैप का बाग के पेड़ों पर उपयोग कर प्रदर्शन किया था। इसमें सफलता मिली थी।

कैसे काम करता है फेरोमोन ट्रैप

कृषि विभाग के समन्वयक आलोक कुमार ने बताया कि फेरोमोन ट्रैप एक जालीनुमा यंत्र है। जो नर मक्खियों को एक जाल में आकर्षित करने के लिए फेरोमोन या पैराफेरोमोन का उपयोग करती है। नर मक्खियां इसके संपर्क में आते ही मर जाती है। नर मक्खियों को मार देने के कारण मादाओं के लिए और अधिक मैगॉट बनाने के लिए एक साथी ढूंढना मुश्किल हो जाता है। इस विधि से क्रमशः मक्खियों की संख्या समाप्त हो जाती है। यह एक प्राकृतिक विधि है। बताया कि इस विधि से आम रासायनिक कीटनाशी के दुष्प्रभाव से भी बचा रहता है।

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