जिस पत्नी की हत्या के आरोप में पति जेल में बंद था और पुलिस रिकॉर्ड में भी महिला को मृत घोषित कर दिया गया था वो महिला पंजाब के जालंधर से सुरक्षित मिली. खास बात ये है कि बरामद महिला की हत्या के आरोप में ही पुलिस ने उसके पति को गिरफ्तार कर जेल भेजा था लेकिन महिला अपने प्रेमी के साथ पंजाब के जालंधर में रहती मिली.

हत्या की झूठी घटना में पति के फंसने की ये कहानी बिहार के पूर्वी चम्पारण जिले की है. पूर्वी चंपारण के केसरिया थाना क्षेत्र की ये घटना लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गई है.

जानकारी के मुताबिक मोतिहारी मुफ्फसिल थाना के लक्ष्मीपुर गांव निवासी महिला के पिता योगेन्द्र राम ने केसरिया थाना में अपनी पुत्री शान्ति देवी की हत्या दहेज के लिए करने का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज करायी थी. दर्ज प्राथमिकी में शान्ति देवी के पिता योगेन्द्र राम ने कहा है कि उसने 14 जून 2016 को केसरिया के वार्ड नम्बर चार निवासी हरिफ कुमार उर्फ दिनेश राम के साथ अपनी बेटी की शादी करायी थी. पहले तो सब कुछ ठीक चल रहा था लेकिन पिछले एक साल से दहेज में मोटरसाईकिल और पचास हजार रुपये नगद की मांग की जा रही थी.

दहेज देने में असमर्थता जताने पर 19 अप्रैल 2022 को उसकी बेटी की हत्या कर दी . शान्ति के रिश्तेदार ने फोन पर सूचना दी कि शान्ति घर छोड़कर भाग गयी है, लेकिन परिवार के लोग केसरिया पहुंचे तो शव बरामद नहीं हो सका. इस मामले में पुलिस ने जांच किये बगैर त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी पति दिनेश राम को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया लेकिन जांच की जारी प्रक्रिया में मामले का खुलासा हुआ तो पुलिस भी दंग रह गई. दरअसल कथित रूप से दहेज के लिए मारी गई महिला और पुलिस फाइल में मृत घोषित महिला अपने प्रेमी के साथ जालंधर में रह रही थी. पुलिस की टीम को जैसै ही सूचना मिली उसने त्वरित कार्रवाई करते हुए महिला को जालंधर से बरामद कर लिया और अपने साथ केसरिया लायी.

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