पटना के जनरल पोस्ट ऑफिस (GPO) का एक कर्मचारी (53) अपने साथ काम करने वाली लड़की (25) के साथ गंदी हरकतें करता था। लड़की ने अफसरों को दी अपनी शिकायत में बताया कि वर्क प्लेस में ही वो गलत तरीके से उसे देखता था। उसके साथ छेड़खानी करता। उसे यहां-वहां छूने की कोशिश करता रहता था। पहले तो उसके विभाग के अधिकारियों ने उसका मजाक बनाया, लेकिन जब मामला तूल पकड़ा तो अब उस कर्मचारी को सस्पेंड करने और उसके खिलाफ डिपार्टमेंटल कार्रवाई करने की अनुशंसा की गई। साथ ही लड़की का ट्रांसफर उसके होम स्टेट करने की भी अनुशंसा की गई है। लड़की उत्तर प्रदेश की रहने वाली है।

एक्शन लेने के बजाय अफसरों ने बनाया मजाक
सूत्रों के अनुसार इस प्रकरण में बड़ी बात यह है कि पिछले कई महीनों से GPO में सीनियर अधिकारियों से गुहार लगा रही थी। मगर, उसके कंप्लेन पर सुनवाई करने और एक्शन लेने की जगह पूरे प्रकरण का मजाक बनाया जाता था। लड़की से ही बार-बार पूछा जाता था कि वो शख्स क्या करता था? लड़की को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाने लगा था। जिस कारण वो डिप्रेशन की शिकार हो गई थी।

सीनियर अफसर से शिकायत की, नहीं सुना
जिस लड़की के साथ यह सब कुछ हुआ वो वहां बतौर स्टेनो जॉब करती है। करीब 2 साल से वो पटना में है। ऑफिस में काम करने के दौरान अक्सर इसे परेशान किया जाता था। पिछले साल से ही यह मामला चल रहा था। पीड़ित लड़की ने नवंबर महीने में अपने ऑफिस में सीनियर अफसरों से परेशान करने वाले अधेड़ उम्र के व्यक्ति के खिलाफ शिकायत की थी। वो व्यक्ति थर्ड ग्रेड का स्टाफ है।

डिप्रेशन की शिकार हो गई लड़की
सूत्र बताते हैं कि सीनियर अधिकारियों से शिकायत के बाद भी कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया था। इस कारण वो लड़की बेहद परेशान हो गई थी। लगातार हो रहे टॉर्चर से वो न सिर्फ घबरा गई थी, बल्कि डिप्रेशन की शिकार हो गई थी। वो अपने घर उत्तर प्रदेश गई। वो डिप्रेशन की इस कदर शिकार हो गई कि उसकी तबियत बिगड़ गई। लखनऊ के एक हॉस्पिटल में उसका इलाज चला।

इसके बाद मामला ऊपर तक पहुंचा। तब जाकर एक जांच कमेटी बनाई गई। जिसमें हाजीपुर में पोस्टल डिपार्टमेंट की एक महिला अधिकारी और पटना के महिला हेल्पलाइन की एक अफसर को शामिल किया गया। सूत्र बताते हैं कि सोमवार को इन दोनों महिला अधिकारियों ने GPO में जांच-पड़ताल की। लड़की की बातों को सुना और समझा। इसके बाद उसे सस्पेंड करने की अनुशंसा की गई है।

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