बिहार में किसान सलाहकारों का मानदेय 13 हजार से बढ़ाकर 21 हजार कर दिया गया है। बढ़ा हुआ पैसा अप्रैल से ही किसान सलाहकारों को दिया जायेगा। सरकार ने इसके साथ ही इनके काम का समय भी 6 घंटे से बढाकर 7 घंटे कर दिया गया है।

नीतीश कैबिनेट में मंगलवार को 26 बड़े फैसले लिए गए। बिहार में बेरोजगारों को रोजगार देने के लिए सरकार ने एक बड़ा फैसला लेते हुए बिहार में उद्योगों को बढ़ावा का फैसला लिया। इसको जमीन पर उतारने के लिए कैबिनेट ने बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन पैकेज पर अपनी मुहर लगा दी। सरकार का दावा है कि इससे बिहार में करीब एक करोड़ से ज्यादा लोगों को रोजगार मिलेगा। इसको देखते हुए ही सरकार ने नया औद्योगिक पैकेज 2025 बनाया है।
किसान सलाहकारों का बढ़ा मानदेय
नीतीश कैबिनेट ने किसान सलाहकार योजना के अंदर वित्तीय साल 2025-26 से किसान सलाहकारों के मानदेय बढ़ाने पर अपनी मुहर लगा दी। अब किसान सलाहकारों को 13 हजार रुपयों के बदले 21 हजार रुपये हर महीने मिलेंगे। इसके लिए अतिरिक्त कुल 67,87,10,736 रुपये निकासी और खर्च की मंजूरी भी दे दी गई है। किसान सलाहकारों को बढ़ा हुआ मानदेय 1 अप्रैल 2025 से ही लागू माना जाएगा। अर्थात इन्हें अप्रैल से लेकर अगस्त तक का एरियर भी मिलेगा। बिहार में अभी कुल किसान सलाहकार 7,047 हैं।

किसान सलाहकारों का परामर्श समय भी बढ़ा
किसान सलाहकारों का समय को 6 घंटे से बढाकर 7 घंटे कर दिया गया है। कृषि विभाग की ओर से चलाई ज रही सभी योजनाओं को जमीन पर उतारने में किसान सलाहकारों की अहम भूमिका होती है। ये सलाहकार पंचायत स्तर पर बने कृषि कार्यालय में भी खेती वाले काम करते हैं।
कैबिनेट ने लगाई कुल 26 फैसलों पर मुहर
नीतीश कैबिनेट की जानकारी देते हुए अपर मुख्य सचिव एस सिद्धार्थ ने बताया कि मंगलवार को हुई मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में कुल 26 एजेंडों पर मुहर लगी है। इसमें BIPPP 2025 पॉलिसी के अतिरिक्त कौशल विकास, पर्यावरण संरक्षण, नवीकरणीय ऊर्जा उपयोग, स्टाम्प ड्यूटी एवं भूमि रूपांतरण शुल्क की प्रतिपूर्ति, निजी औद्योगिक पार्कों को सहयोग, पेटेंट पंजीकरण एवं गुणवत्ता प्रमाणन हेतु सहायता दी जाएगी।