Fri. Aug 29th, 2025

बिहार में 10775 सर्वे कर्मियों की हड़ताल के कारण राजस्व महाअभियान की गति धीमी हो गई है। जमाबंदी अब घर-घर पहुंचाने की जगह गांव में कैंप लगा कर बांटे जा रहे हैं। अब राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग इस काम के लिए डाक विभाग का भी सहारा लेने पर विचार कर रहा है।

बिहार में करीब 10775 सर्वे कर्मियों की हड़ताल के कारण राजस्व महाअभियान की गति धीमी हो गई है। जमाबंदी अब घर-घर पहुंचाने की जगह गांव में कैंप लगा कर बांटे जा रहे हैं। आरोप है कि बिना प्रचार-प्रसार के कैंप लगने से कई जमीन मालिकों (रैयत) को जमाबंदी प्रपत्र नहीं मिल पा रहा है। जिसकी वजह से उन्हें परेशानी हो रही है।

20 सितंबर तक चलेगा अभियान

हड़ताल के कारण विभाग अभी ग्रामीण विकास, समाज कल्याण, पंचायती राज, एससी-एसटी और आईंपीआरडी का भी सहयोिग ले रहा है। जानकारी मिली है कि इन विभागों के कर्मी सर्वे कर्मियों की तरह गांवों में सेवा नहीं दे पा रहे हैं। अब राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग सभी 38 जिलों में कुल 3.60 करोड़ जमाबंदी को किसी भी सूरत में हर रैयत तक पहुंचाने के लिए अब डाक विभाग का भी सहारा लेने पर विचार कर रहा है। बता दें कि पिछले 16 अगस्त से जमाबंदी वितरण कार्यक्रम शुरू किया गया है। 7 दिन बीतने के बाद भी अब तक अधिसंख्य गांवों में प्रपत्र नहीं पहुंचे हैं। यह अभियान 20 सितंबर तक चलेगा।

हड़ताल करने वालों के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने हड़ताल और धरना–प्रदर्शन को नियम के खिलाफ बताया है। अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह ने सभी डीएम को निर्देश दिया है। कि आंदोलन कर रहे कर्मियों ने सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने की कोशिश की तो उनके खिलफ सख्त कार्रवाई करें।

नगर निकाय कर्मियों से भी ली जा रही मदद

बता दें कि राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा चलाये जा रहे राजस्व महा-अभियान के तहत शहरी क्षेत्रों में जमाबंदी वितरण और त्रुटि सुधार के लिए नगर निकाय के कर्मियों की भी मदद लेने की तैयारी की गई थी। विभाग ने यह फैसला शहरी क्षेत्रों में राजस्व विभाग के कर्मचारियों की कमी को ध्यान में रखते हुए लिया गया था। इसको लेकर नगर विकास एवं आवास विभाग ने सभी नगर आयुक्तों और नगर कार्यपालक पदाधिकारियों को निर्देश जारी किया था।

राजस्व महा-अभियान में हो रहा यह काम

इस राजस्व अभियान का मुख्य उद्देश्य घर-घर जाकर ऑनलाइन जमाबंदियों की प्रति वितरित करना है। साथ ही इस अभियान में डिजिटाइज्ड जमाबंदियों में गलतियों को सुधारना, छूटी हुई जमाबंदियों को दर्ज करना और उत्तराधिकार व बंटवारे से जुड़े नामांतरण के लिए आवेदन भी जमा किये जाएंगे